“समाज का नवयुग” एक सांग्रहिक पुस्तक है जो समाज के विभिन्न पहलुओं को समर्पित है। यह किताब नए और ताजगी भरे दृष्टिकोण से समाज की जटिलताओं और संबंधों को छूने का प्रयास करती है। इसमें विभिन्न लेखकों द्वारा रची गई कहानियाँ हैं जो समाज में हो रहे परिवर्तनों, उत्थान-पतन के प्रति उनकी दृष्टि को प्रस्तुत करती हैं। यह सांग्रह आपको एक नए सोच और समझ के साथ समाज के विभिन्न पहलुओं का सामरिक चित्र प्रदान करेगा। सरल भाषा में रची गई इस किताब में समाज के नवीनीकरण की कहानियों/कविताओं के माध्यम से पठकों को एक रुचिकर और सोचने पर आमंत्रित किया जाता है।