Description
लेखन मेरे लिए सिर्फ एक अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि आत्मा की शांति है। जब दिल की बात किसी से कह न सका, तब कलम ने मेरा साथ दिया।
“मेरी कलम, तुम्हारी यादें” मेरी भावनाओं का पहला संग्रहीत दस्तावेज़ है, जिसमें मैंने उन अनुभवों, एहसासों और लम्हों को समेटा है जो ज़िन्दगी के हर मोड़ पर मुझे छूकर गुज़रे।
इस पुस्तक में नायक-नायिका की कोई कल्पना नहीं है, बल्कि यहां भावनाओं का सच है—निराशा भी, उम्मीद भी, शिकायत भी और सुकून भी। हर कविता, हर शायरी एक अनकहे संवाद जैसी है, जो किसी की आंखों से निकली आह, किसी की मुस्कान में छिपे दर्द या किसी याद में बसी मोहब्बत को शब्द देती है।
यह संग्रह मेरे और पाठकों के बीच एक आत्मिक रिश्ता बनाने का प्रयास है। अगर आपकी आँखें नम हुई, दिल मुस्कराया या किसी भूली याद ने दस्तक दी — तो समझूंगा कि मेरी लेखनी सफल हुई।





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