Description
पुस्तक की एक झलक हैं सभी स्नेह के अधिकारी क्यों किसी को जाए सताया? जीव जंतुओं में भी होता है दुख-सुख का एहसास समाया। 10 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए ये कविताएँ मनोरंजन का स्रोत होने के साथ साथ सद्व्यवहार से अवगत कराने वाली भी हैं। इन कविताओं में कहानियों जैसा रोमांच है क्यूँ कि इन में से अधिकांश प्रेरक पंचतंत्र की कथाएं हैं जिन्हें पद्यबद्ध कर के बाल सुलभ कविताओं में ढाला गया है। कुछ कविताएं देश प्रेम और परम शक्ति भगवान को भी समर्पित हैं और कुछ बाल सुलभ जीवन दर्शन से प्रेरित प्रेरक लघु कवितायें हैं। सभी कविताए लयात्मक हैं और इनमे पशु पात्रों का मानवीकरण होने के कारण बच्चों को तत्काल प्रभावित करती हैं






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